Author: Pravin Dubey

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दो हाथ वाला ठाकुर

शोले का ठाकुर बेबस था। उसके दोनों हाथ नहीं थे।वह चाहकर भी बंदूक नहीं उठा सकता था, तलवार नहीं चला सकता था उसकी मजबूरी दिखाई देती थी, इसलिए उस पर दया भी आती थी। लेकिन आज का ठाकुर?

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WhatsApp Username: प्राइवेसी की नई आज़ादी या साइबर अपराधियों का नया हथियार?

अब तक WhatsApp पर किसी नए व्यक्ति से जुड़ने के लिए मोबाइल नंबर आवश्यक था।नए फीचर के बाद उपयोगकर्ता एक यूनिक Username चुन सकेंगे और उसी के माध्यम से उनसे संपर्क किया जा सकेगा।इसका सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि व्यक्तिगत मोबाइल नंबर हर किसी के साथ साझा नहीं करना पड़ेगा।

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धागा खुल चूका है – थ्रेड्स ऐप का रिव्यु

एक पुरानी कहावत है दो बिल्लिओ की लड़ाई में रोटी के मजे बन्दर लेता है ऐसा ही कुछ आजकल देखने को मिल रहा है इंटरनेट की दुनिया में आये दिन एक नया ऐप कोई न कोई लांच कर रहा है और पब्लिक मजे ले रही है|

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दुनिया के भीतर एक और दुनिया

ऐसा महसूस हुआ जैसे किसी फिल्म में कोई डॉक्टर हीरो से कह रहा हो बस 6 महीने और है और हीरो गिड़गिड़ा रहा हो “कुछ तो कीजिये डॉक्टर...” मेरी भी हालत कुछ वैसी ही थी एक हफ्ते बिना फोन के कैसे?

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कलाकार बनने के लिए सबसे पहले अच्छा इंसान होना जरूरी है – नवनीत बैरागी

जब बात शास्त्रीय संगीत की आती है तो दिमाग में एक शांत सा चेहरा, लम्बे बाल और भारतीय कपड़ो में लिपटे हुए 45-50 साल के शख़्श की तस्वीर उभर आती है.

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सलमान खान की सजा – एक राष्ट्रिय शोक

सलमान खान के लिए हिंदी फिल्म इंडस्ट्री ग़मगीन है लोगों की भावनाएं फेसबुक, ट्विटर पर उमड़ रही हैं।फिल्म में हीरो का किरदार करने वाले व्यक्ति को लोग असल में भी हीरो ही मानते हैं।हमारे लिए वो इन्साफ से भी ऊपर है। कितने ही लोग सलमान के लिए प्रार्थना कर रहे हैं, उनके बचाव में पीड़ितों को गाली देकर कह रहे हैं कि फुटपाथ पर सोने वाले ऐसी ही कुत्ते की मौत मरते हैं।

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एक फांसी की आंखों देखी रिपोर्टिंग

सुनील कुमार छत्तीसगढ़ अख़बार के संपादक जिन्होंने देश में पहली बार 25 अक्टूबर 1978 को रायपुर सेंट्रल जेल में हत्या के आरोपी बैजू की फांसी...

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