बलात्कारी बाबा..आशाराम हे राम!

हे राम! आशाराम जमीनों का अतिक्रमण लड़कियों का यौनशोषण, भ्रष्‍ट तरीकों से पैसा कमाना, आस्था के नाम पर भावनाओं से खिलवाड़ क्या ऐसे होते हैं...

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हे राम! आशाराम जमीनों का अतिक्रमण लड़कियों का यौनशोषण, भ्रष्‍ट तरीकों से पैसा कमाना, आस्था के नाम पर भावनाओं से खिलवाड़ क्या ऐसे होते हैं बाबा सभी अपने नैनो को खोले चंगुल से आज़ाद हो जाओ कि कहीं अगला नंबर आपका ना हो क्या हमें जरूरत है ऐसे डोंगी की जाना है तो नारायण की शरण में जाओ शिव की शरण में जाओ और अपना जीवन सफल बनाओ हमारे पास ज्ञान के लिये गीता है वेद है फिर भी हम बाबाओ के जाल में कैसे फंस जाते है दुनिया को मोहमाया से मुक्त होने का संदेश देने वाला खुद समधी का बहाना बना कर पुलिस से बचना चाह रहा है क्या बहाना लगाया है पुलिस से बचने का !

ये बापू और वो बापू गुजरात की ही धरती पर के दो अलग अलग उदाहरण एक बेचारी नाबालिक लड़की के साथ जिसका सारा परिवार इसको भगवान मानता हो लड़की के पिता ने अपनी जमीन आश्रम के लिये दे दी हो वो ही बाप आज कानून का दरवाज़ा खटखता रहा है सी बी आई की जांच की मांग करता है और कह रहा है अगर पिता गलत है तो फाँसी दे दो नही तो बाबा को अंधविश्वास को समाज मे फ़ैलाने बाला लोगों को बहकाने वाला आज बाबा बना बेठा है और अंधविश्वास के खिलाफ मुहिम चलाने वाले दाभोलकर जैसे समाजसुधारो को मौत के घाट उतार दिया जाता है और पुलिस उन हत्यारो को पकड भी नही पाती क्योंकि हिन्दुस्तान की पब्लिक भी बेबकूफ है तभी तो इन दुष्टो का धंधा खूब फूलता फलता है |

इधर आसाराम समर्थकों चोरी के बाद भी सीनाजोरी करने से बाज नहीं आ रहे हैं, आसाराम समर्थकों की दलील है कि उनके गुरू के खिलाफ मीडिया में गलत खबरें चल रही है…जिसके बाद ही समर्थक आपे से बाहर हो गये। वहीं आसाराम के खिलाफ अबतक की जांच को उन्हीं के समर्थकों ने ही सही बताया लेकिन फिर क्यों हंगामा


डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं।

Pravin Dubey

डिजिटल मार्केटिंग विशेषज्ञ और ब्लॉगर। टेकनोलॉजी, डिजिटल दुनिया, व्यंग्य और समसामयिक विषयों पर लिखना पसंद करते हैं।

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