बरसों बाद.. जब तुम्हारी नज़र पड़ेगी
और उस पुरानी तस्वीर पर जा रुकेगी
जिसमें हम सब यार हँस रहे हैं
एक केक के टुकड़े के लिए लड़ रहे हैं
तब इन दिनों को फिर से जीना नहीं चाहोगे भला ?
जब धूल भरी कोई फटेहाल कॉपी मिलेगी
जिसमें होगा वो tic-tac-toe का अधूरा गेम
जिसे खेलते हुए हमें class से बाहर निकाला गया था
याद कर.. तुम हँस पाओगे क्या ?
उसी कॉपी में रखा हुआ वो सूखा गुलाब
अधूरे प्यार की याद दिला जाए शायद
दोस्तों ने खूब मज़ाक उड़ाया था ना
हँसते हँसते तुम टाल गए थे अपने दिल की बात
अब मीठी सी याद के सिवा कुछ बचा है क्या?
जब झगड़े में कसम खा लेते टांगे तोड़ने की 🙂
एक सॉरी, कोल्ड ड्रिंक और समोसे के बाद
ऐसे झगड़ा भूलते जैसे कुछ हुआ ही ना हो
आज दुनिया कि formality में वो अपनापन कहीं पाओगे भला ?
Test में cheating करने पर जब साथ में पकड़े गए थे
और जब तुझे 0 और मुझे 1 मिला था
“कमीने दे दिया ना धोखा..” तुमने कहा था
वैसा प्यार भरा धोखा अब कहीं खाओगे क्या ?
“अब चाय कौन पिलाएगा?” इस सवाल पर झगड़ते थे
चिल्लर जोड़ते, शर्तों में उलझे रहते थे और ध्यान…
चाय से ज़्यादा पीने वाली पे रखते थे
चिल्लर की मिठास अब किसी चाय में पाओगे क्या ?
जब maggi खाते, गप्पें मारते निकल जाती थी रातें
जब birthday पर wishes कम, खायी थी ज़्यादा लातें
जब जाते जाते भर आई थी सबकी आँखें
जब ऐसे यार छूटे..और ना जाने कितने सपने टूटे..
जब हमने decide किया था कि contact में रहेंगे
जब किसी ने ‘keep-in-touch’ को ‘keep-touching’ कहा था :’)
याद है ना ?
बरसों बाद.. आज पता नहीं सारे वादे..
सारे contacts खो से गए हैं
दुनिया की रफ़्तार में फसे
भूल भुलैया में गुम गए हैं
कौन कहाँ है.. पता ही नहीं कुछ
बस इतनी उम्मीद है कि
कभी इस ओर मुड़ कर देखो
तो रोना मत, हँस देना..
बरसों बाद.. जब नज़र पड़े तुम्हारी
तो रोना मत, हँस देना..
इतनी सी है कसम
बस इतना ही मांग रही यारी..
